भागलपुर में गरीब बंदियों की मदद के लिए समिति की बैठक, 5 कैदियों का ₹11 हजार जुर्माना भरने की अनुशंसा

भागलपुर । गरीब बंदियों को जुर्माना जमा करने और जमानत प्राप्त करने में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना को लेकर जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में सशक्त समिति (Empowered Committee) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कारा के Judge in-charge समेत शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा और विशेष केंद्रीय कारा के अधीक्षक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में जुर्माना जमा नहीं कर पाने के कारण जेल में निरुद्ध 8 सजावार बंदियों के मामलों पर विचार किया गया। इनमें से 5 बंदियों को योजना के लिए योग्य पाया गया। इन बंदियों के लंबित कुल ₹11,000 के जुर्माने की राशि योजना के तहत जमा करने की अनुशंसा की गई है।
वहीं, प्रोबेशन पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने के कारण 2 बंदियों के मामले अभी प्रक्रियाधीन रखे गए हैं। जबकि एक बंदी को एक से अधिक मामलों में सजा होने और अन्य विचाराधीन वाद लंबित रहने के कारण योजना के लिए अयोग्य पाया गया।
प्रशासन के अनुसार, योग्य बंदियों की सूची विभागीय स्वीकृति के लिए 15 अक्टूबर 2026 तक गृह विभाग, बिहार, पटना को भेजी जाएगी। स्वीकृति के बाद राशि उपलब्ध होते ही संबंधित बंदियों का जुर्माना जमा कर उन्हें नियमानुसार रिहा कराया जाएगा।
रिहाई के बाद पुनर्वास पर भी जोर
बैठक में जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि रिहाई के बाद बंदियों के सामाजिक एवं व्यावहारिक पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उत्पाद अधिनियम के छोटे मामलों से जुड़े बंदियों को प्रोबेशन पदाधिकारी की निगरानी में एक माह तक नशा-मुक्ति केंद्र में रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत राहत उपलब्ध कराना और उनकी रिहाई के बाद समाज में पुनर्वास सुनिश्चित करना है।



