बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 23 IAS अधिकारियों का तबादला

पटना। बिहार सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 23 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत कई जिलों के उप विकास आयुक्त (DDC), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और नगर आयुक्त बदले गए हैं। सरकार ने अधिकारियों को नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए हैं।

नगर निगमों में भी बदलाव
दानापुर के अनुमंडल पदाधिकारी रहे अनिरुद्ध पाण्डेय को पूर्णिया नगर निगम का नया नगर आयुक्त बनाया गया है। वहीं गरिमा लोहिया को दरभंगा नगर निगम के नगर आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पूर्णिया के पूर्व SDO तुषार कुमार को मधुबनी का उप विकास आयुक्त बनाया गया है। वहीं विग्नेश टीए को पूर्णिया का नया अनुमंडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
कई जिलों को मिले नए DDC
जिला प्रशासन में भी बड़े पैमाने पर बदलाव किया गया है। सरकार ने कई जिलों में नए उप विकास आयुक्तों की तैनाती की है। इनमें श्रेया श्री को खगड़िया, तुषार कुमार को मधुबनी, आकांक्षा आनंद को सासाराम और नेहा कुमारी को कटिहार का DDC बनाया गया है। जमुई में रोहित कर्दम/शिप्र विजयकुमार चौधरी की तैनाती की गई है।
इसके अलावा प्रधुम्न सिंह यादव को निदेशक, उद्योग विभाग/खाद्य प्रसंस्करण, अंजली शर्मा को निदेशक, समाज कल्याण विभाग और कृष्ण चंद्र गुप्ता को महानिरीक्षक, मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
इन अनुमंडलों में बदले SDO
प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई अनुमंडलों में भी नए SDO की तैनाती हुई है। विरूपाक्ष विक्रम सिंह को दानापुर, प्रिया रानी को सासाराम, कछिश बक्शी को पटना सिटी, कृष्णा जोशी को बाढ़ और अजय यादव को बेगूसराय का SDO बनाया गया है।
वहीं सैयद आदिल मोहसीन को मढ़ौरा, प्रेम कुमार को हवेली खड़गपुर, सूरज कुमार को कटिहार, जतिन कुमार को शेरघाटी, के. परीक्षित को नौगछिया और महेश कुमार को तारापुर का अनुमंडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
2022 से 2024 बैच तक के अधिकारी शामिल
इस तबादला सूची में 2022 और 2023 बैच के आईएएस अधिकारियों के साथ 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को भी फील्ड पोस्टिंग दी गई है। सरकार का यह कदम जिला और अनुमंडल स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने तथा विकास योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में तेजी लाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नए पदस्थापित अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र में प्रशासनिक कामकाज को प्रभावी बनाने और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद की जा रही है।






