भागलपुर

भागलपुर में पुश्तैनी जमीन विवाद को लेकर भाइयों में खूनी संघर्ष, कई घायल

पिंटू प्रणव- भागलपुर, सनहोला: जमीनी विवाद का सिलसिला बिहार में थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन इस तरह के विवादों में मारपीट और हिंसक झड़पें देखने को मिलती हैं। ताजा मामला भागलपुर जिले के सनहोला प्रखंड का है, जहां पुश्तैनी जमीन को लेकर तीन सगे भाइयों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला हिंसा में तब्दील हो गया। झगड़े के दौरान लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

विवाद ने लिया हिंसक रूप

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत जमीन के बंटवारे को लेकर हुई थी। परिवार के तीन भाइयों में इस मुद्दे पर लंबे समय से तनाव चल रहा था। घटना वाले दिन बातचीत के दौरान माहौल गरमा गया और जल्द ही कहासुनी हाथापाई में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक भाई ने पहले गाली-गलौज शुरू की, जिससे मामला और बिगड़ गया। फिर देखते ही देखते दोनों पक्षों ने लाठी-डंडे उठा लिए और एक-दूसरे पर हमला कर दिया।

इस झड़प में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि किसी की भी बात सुनने को कोई तैयार नहीं था।

घायल ने लगाए गंभीर आरोप

मारपीट में घायल एक युवक ने आरोप लगाया कि उसका एक भाई नशे के कारोबार में लिप्त है और इलाके में डर का माहौल बनाए रखता है। युवक ने कहा, “मेरा भाई नशे की तस्करी करता है और पूरे समाज में दहशत फैलाने का काम करता है। उसे प्रशासन का भी कोई डर नहीं है। जब भी कोई उसके खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है, तो वह मारपीट और धमकी पर उतर आता है।”

घायल ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस को इस बारे में पहले भी सूचना दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस बार प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। गांव के कई लोगों का कहना है कि जमीनी विवाद को लेकर पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने इस दिशा में कोई कड़ा कदम नहीं उठाया। अगर समय रहते मामले को सुलझा लिया जाता, तो आज की यह घटना नहीं होती।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यदि कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जमीनी विवाद बना तनाव का कारण

बिहार में जमीनी विवादों से जुड़े अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। पारिवारिक विवाद हो या बाहरी हस्तक्षेप, जमीनी मामलों में हिंसा की घटनाएं आम हो गई हैं। प्रशासन और न्यायपालिका के स्तर पर ठोस कदम उठाए बिना इन घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या दोषियों को सजा मिलती है या यह मामला भी अन्य विवादों की तरह लंबित रह जाता है।

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