सोशल मीडिया पर अवैध हथियार के साथ फोटो वायरल, भागलपुर पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

भागलपुर। सोशल मीडिया पर अवैध आग्नेयास्त्र के साथ फोटो वायरल होने के मामले में भागलपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर वायरल फोटो में नजर आ रहे व्यक्ति की पहचान की गई। पूछताछ के बाद एक देसी कट्टा भी बरामद किया गया है।
वायरल फोटो की सूचना पर शुरू हुई जांच
पुलिस के मुताबिक, वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में 19 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पर अवैध आग्नेयास्त्र के साथ एक व्यक्ति का फोटो वायरल होने की सूचना पुलिस को मिली।
सूचना के बाद पुलिस ने फोटो का सत्यापन और मामले का अनुसंधान शुरू किया।
तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों से हुई पहचान
मामले की जांच के लिए नगर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा नगर-2 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के पर्यवेक्षण में ललमटिया थानाध्यक्ष के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर फोटो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान हिमांशु कुमार उर्फ छोटू, पिता रंजन मंडल के रूप में हुई। इसके बाद उसके ठिकाने पर छापेमारी की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने दूसरे आरोपी की पहचान अजीत कुमार, पिता सुभाष ठाकुर के रूप में की। दोनों नसरतखानी नेताजी कॉलोनी, थाना ललमटिया, जिला भागलपुर के निवासी बताए गए हैं।
पूछताछ के बाद देसी कट्टा बरामद
पुलिस के अनुसार, अनुसंधान और पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर हिमांशु कुमार उर्फ छोटू की निशानदेही पर अजीत कुमार के पास से एक देसी कट्टा बरामद किया गया।
पुलिस ने बरामद हथियार को विधिवत जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस वायरल फोटो में दिखाई दे रहे हथियार और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।
पुलिस टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
कार्रवाई के लिए गठित टीम में ललमटिया थाना के सहायक थानाध्यक्ष विपिन कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक भूषण कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक हरिनारायण मांझी तथा ललमटिया थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।
भागलपुर पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित संदिग्ध एवं कानून-विरुद्ध गतिविधियों से संबंधित सामग्री की लगातार निगरानी की जा रही है। ऐसी सामग्री सामने आने पर उसका सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नोट: पुलिस के आरोप/दावे जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय की प्रक्रिया से होगी।



