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साहित्य

शिकायत
नर कहता है ऐ जीवनतूने हमें दिया ही क्या ?घिसी- पिटी ज़िन्दगी दीनिरसता तो भरी-भरी हैफूल साथ काँटे भी दीचिंता…
Read More » जिन्दगी की दौड़
दौडते देखा जिसे बस,हाँफते देखा उसे।काँपते पैरो से फिर,धरा को नापते देखा उसे।।सच्चाई सबकी है यही,हांथ खाली ही रहा।जिसके लिए…
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साहित्य

तू आफ़ताब है
आँखों में चाँद तू लेकर चलती है।लड़की है या तू कोई अप्सरा है। क्या कहे तेरे नूर ए हुस्न के…
Read More » श्रम ही मेरी पूजा है
श्रम ही मेरी पूजा है,मेहनत मेरा ईमान।श्रम ही मेरा धर्म है।श्रम बिंदु मेरी पहिचान।। श्रम ही मेरी गीता है।श्रम ही…
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साहित्य

मोहब्बत
हम दोनों को यार जब मोहब्बत का रोग हुआ।।मत पूछो यार क्या क्या हम दोनों के साथ हुआ।। हंसते गाते…
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साहित्य

अधूरी ख्वाहिशें
अधूरी ख्वाहिशें में पूरी कर लूँ।ज़िंदगी तुझे में जी भर कर जी लूँ। बिस्तर पर तो हर रात गुज़ारी हैआज…
Read More » ठिठुरन
ये रातें ये मौसम नदी का किनारा और ये ठिठुरनमेरे हाथों में आया जो हाथ तुम्हारा कम हुई कुछ ठिठुरन…
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साहित्य

गज़ल
گاؤں میں جب نگر بسایا گیاآدمی کو دھواں بنایا گیا زیرے لب جان آ گئ منھ کوتب کہیں پھر کنواں…
Read More » गीत
अपने गम में मुस्कराना आ गया।और दूजों के लिए अब ,आँसू बहाना आ गया।। यूं तो जीते हैं सभी अपने…
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साहित्य

किनारे
बिन मांझी चली नदिया पार,इक नए किनारे की ओर।मुख पर उदासी लिए चली,मन में विचारों का है शोर।निहारती पंछियों के…
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