भागलपुर

दहेज की लालच में हत्या! शव को बोरे में बंद कर गंगा में फेंका, पति समेत तीन गिरफ्तार, दो अब भी फरार

बिहार के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत बिहपुर थाना क्षेत्र के बभनगामा गांव में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक रोंगटे खड़ी कर देने वाली वारदात सामने आई है। महज दहेज के लोभ में एक 25 वर्षीय महिला काजल देवी की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए अपराधियों ने उसे प्लास्टिक की बोरी में बंद कर गंगा नदी में फेंक दिया

img 20240801 wa00017040687439974309214

घटना शनिवार रात की है। मृतका के मायकेवालों को जब बेटी के गायब होने की सूचना मिली तो उन्होंने गुमशुदगी नहीं, सीधे हत्या की आशंका जताई। सोमवार को गोगरी जमालपुर, खगड़िया निवासी मृतका के पिता सुदो यादव ने बिहपुर थाने में दहेज हत्या और शव गायब करने की प्राथमिकी दर्ज कराई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए नवगछिया एसपी प्रेरणा कुमार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया, जिसके नेतृत्व में एसडीपीओ ओमप्रकाश ने कार्रवाई शुरू की। टीम में शामिल थे बिहपुर अंचल निरीक्षक पवन कुमार सिंह, थानाध्यक्ष मनीष कुमार, डीआईयू टीम और अन्य अधिकारी।

छानबीन में मिली तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर महज कुछ ही घंटों में सोमवार को सास जानकी देवी और ससुर वासुदेव यादव को धर दबोचा गया।
मंगलवार को पुलिस ने मृतका के पति गौतम यादव को भी उसके गुप्त ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में गौतम ने पुलिस को बताया कि काजल की हत्या के बाद शव को गंगा नदी में फेंक दिया गया था।

गौतम की निशानदेही पर पुलिस ने खुसरूसा कुंडिया बहियार (गौरीपुर) में गंगा की छोटी धार से प्लास्टिक बोरी में बंद, क्षतविक्षत हालत में महिला का शव बरामद किया। शव इस कदर सड़ चुका था कि इलाके में तेज दुर्गंध फैल गई थी।

क्या है हत्या की वजह?

सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, काजल का विवाद अपनी सास जानकी देवी से हुआ था, जिसके बाद गौतम और उसके भाइयों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ। आपसी झगड़े के बीच काजल की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उसके शरीर के कई अंगों को तोड़कर बोरी में बंद कर 4 किलोमीटर दूर नदी में फेंक दिया गया

कौन हैं फरार?

इस दिल दहला देने वाले कांड में अब भी काजल के देवर गौरव यादव और सौरव यादव फरार हैं। पुलिस लगातार उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

कार्रवाई में कौन-कौन थे शामिल?

इस अभियान में शामिल थे:

  • पवन कुमार सिंह (सर्किल इंस्पेक्टर, बिहपुर)
  • मनीष कुमार (थानाध्यक्ष, बिहपुर)
  • धर्मवीर कुमार, रिया कुमारी, अवधेश कुमार, अशोक कुमार (पुलिस बल)
  • तथा डीआईयू टीम

गांव में गूंज रही है चर्चा

गांव में इस हत्याकांड को लेकर हर गली, हर चौपाल में चर्चा का बाजार गर्म है। लोग दबी जुबान में परिवार की कलह, दहेज की मांग और सास-बहू के विवाद को वजह बता रहे हैं।

यह घटना न केवल समाज के गिरते मूल्य का प्रतीक है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि कब तक बेटियों की जान दहेज के हवाले होती रहेगी?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button