नवगछिया: करीब तीन वर्ष पुराने चर्चित धर्मेंद्र शर्मा हत्याकांड में नवगछिया व्यवहार न्यायालय ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अफजल आलम की अदालत ने मुख्य आरोपी भवानीपुर थाना क्षेत्र के भोजुटोल निवासी निर्मल कुमार को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला 1 जुलाई 2023 का है। रायपुर निवासी धर्मेंद्र शर्मा की भोजुटोल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक की पत्नी रेणु देवी के बयान पर भवानीपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
प्राथमिकी के अनुसार, धर्मेंद्र शर्मा मजदूरों को भुगतान करने के लिए 50 हजार रुपये नकद लेकर भोजुटोल गए थे। इसी दौरान नेपाली शर्मा के घर के पास निर्मल कुमार, विनोद शर्मा, आतिश शर्मा और शिवा कुमार यादव ने उन पर गोली चला दी। आरोप है कि हत्या के बाद आरोपियों ने उनके पास मौजूद 50 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और सोने की एक चकती भी लूट ली।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 13 गवाहों को प्रस्तुत किया। गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने निर्मल कुमार को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया। सरकार की ओर से प्रभारी अपर लोक अभियोजन पदाधिकारी परमानंद साह ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा।
अदालत ने हत्या के अपराध में दोषी को आजीवन कारावास के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत दो वर्ष के कारावास की सजा भी सुनाई। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ (Concurrent) चलेंगी।
इस फैसले के साथ करीब तीन वर्ष पुराने चर्चित हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा हो गया।



