मुंगेर: करीब तीन महीने पहले हुई मधु कुमारी की मौत के मामले में वैज्ञानिक जांच ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। सफियासराय थाना में पदस्थापित निलंबित दारोगा चंदन कुमार द्वारा आत्महत्या बताए जा रहे मामले में एफएसएल रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि मधु ने खुद को गोली नहीं मारी थी, बल्कि उसके पति ने ही अपनी सर्विस पिस्टल से गोली मारकर उसकी हत्या की थी।
एफएसएल रिपोर्ट के अनुसार चंदन कुमार के हाथ से लिए गए स्वैब में गोली चलाने के स्पष्ट साक्ष्य मिले हैं, जबकि मृतका मधु कुमारी के हाथ से लिए गए नमूनों में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला। इससे आत्महत्या की पूरी कहानी झूठी साबित हो गई है।
मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना के बाद आरोपी ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी। हालांकि शुरुआती जांच में ही पुलिस को उसके बयान पर संदेह हो गया था। घटनास्थल से मिले साक्ष्य और वैज्ञानिक जांच ने अब हत्या की पुष्टि कर दी है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी दारोगा चंदन कुमार को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। हत्या, दहेज प्रताड़ना समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर स्पीडी ट्रायल के जरिए आरोपी को सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
क्या था मामला?
11 अप्रैल की शाम सफियासराय थाना में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर चंदन कुमार की पत्नी मधु कुमारी की गोली लगने से मौत हो गई थी। उस समय चंदन कुमार ने दावा किया था कि उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली है। लेकिन मृतका के पिता रंजीत कुमार ने दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अब एफएसएल रिपोर्ट ने परिवार के आरोपों पर वैज्ञानिक मुहर लगा दी है।





