बिहार

तारापुर शहीदों की निशानी ब्रिटिशकालीन थाना बने राष्ट्रीय धरोहर.. जयराम विप्लव।

शशांक कुमार सुमित/तारापुर/मुंगेर।

15 फरवरी 1932 में ब्रिटिश थाने पर तिरंगा फहराते हुए शहीद हुए 34 शहीदों के बलिदान का साक्षी थाना भवन को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग को लेकर युवा ट्रस्ट के अध्यक्ष जयराम विप्लव केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल से मिले.

मंत्री को सौंपे ज्ञापन में जयराम विप्लव ने कहा कि
15 फ़रवरी 1932 को बिहार के मुंगेर जिले में तारापुर अनुमंडल स्थित तारापुर थाना भवन पर तिरंगा लहराते हुए भारत माँ के 34 वीर सपूत शहीद हो गए थे | आज जब आज़ादी के 75 वें वर्ष में हम देश की आजादी के लिए कुर्बानी देने वाले शहीदों को मान-सम्मान देने को हर क्षण तत्पर हैं तो ऐसे में तारापुर के इन महान आत्माओं को भी उचित सम्मान मिलना चाहिए ,जिसके ये हकदार हैं | जैसा कि विदित है 15 फ़रवरी 1932 को तारापुर के थाना भवन पर तिरंगा लहराते हुए भारत माँ के ३४ वीर सपूतों जान गंवाई थी जिनमें से 13 शहीदों के नाम ज्ञात हो पाए | लेकिन अपनी गौरवशाली परम्परा के प्रति हमारी उदासीनता ने ऐसे वीरों को गुमनामी में ही रख दिया |
भारत स्वतंत्रता संग्राम के रक्त रंजित इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी शहादत देने वाले तारापुर के शहीदों के पुन्य स्मरण में ‘तारापुर थाना ‘ को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग वर्षो पुरानी है.उक्त विषय को शीघ्र क्रियान्वित करने हेतु कदम उठायें |यह कार्य महान शहीदों को सच्ची श्रध्धाँजली होगी और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र की वेदी पर प्राणों की आहुति देने को संकल्पित करेगी |
इस संबंध में जयराम ने कहा कि माननीय मंत्री जी ने सकारात्मक व त्वरित कार्यवाई का निर्देश दिया है.

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