कविता काननसाहित्य

भजन

भजन
महिमा

माता रानी के दरबार में हो रही जयजयकार।
शेरों वाली के दरबार में हो रही जयजयकार।
हो रही जयजयकार हो ..मैया हो रही जयजयकार।
माता रानी के …..

लाल लाल चोला ,ओढ़ चुनरिया, माता शेरोवाली।
भक्त तेरे सब राह निहारे,माता वैष्णो वाली।।
माता रानी के दरबार ….

हाथों में त्रिशूल बिराजे, हे जगदम्बे ,काली।
भक्तों पर जब कष्ट पड़े तो संकट हरने वाली।।
माता रानी के दरबार मे……

जग में तेरी पूजा होती,करते सब नर-नारी।
तन ,मन धन सब तुझको अर्पण ,अष्टभुजाओं वाली।
माता रानी के ……….

दूर दूर से यात्री आवें, आस लगा के भारी।
अर्ज हमारी तुम सुन लेना, माता वैष्णो वाली।।
माता रानी के …..

जग में तेरा नाम है ऊँचा, महिमा अजब निराली।
ख़ुशियों से तुम झोली भरती, जो दर पे खड़ा सवाली।
माता रानी…….
स्वरचित ✍️
मानसी मित्तल
शिकारपुर जिला बुलंदशहर
उत्तर प्रदेश

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