जब DM बन गए गुरुजी: मॉडल स्कूल में बच्चों को पढ़ाया गणित, बोले- सरकारी स्कूल भी बनें पहली पसंद

कटिहार: सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी का अलग अंदाज देखने को मिला। आजमनगर प्रखंड स्थित सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) के औचक निरीक्षण के दौरान डीएम सीधे कक्षा में पहुंचे और शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चों को ब्लैकबोर्ड पर गणित पढ़ाने लगे।
हाथ में चॉक लेकर उन्होंने विद्यार्थियों से सवाल पूछे, जवाब देने वाले छात्रों को ब्लैकबोर्ड पर बुलाकर प्रश्न हल करवाए और जिन बच्चों को किसी विषय में परेशानी थी, उनके सभी सवालों का समाधान भी किया। करीब कई घंटे तक डीएम ने अलग-अलग कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों की पढ़ाई और सीखने की क्षमता का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में पढ़ाई की व्यवस्था, शिक्षण पद्धति और छात्रों के शैक्षणिक स्तर का भी बारीकी से मूल्यांकन किया। साथ ही संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
रिवीजन और रिमेडियल क्लास पर रहेगा जोर
डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि मॉडल स्कूलों का उद्देश्य केवल भवन तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है कि भविष्य में यहां दाखिले के लिए भी अभिभावकों में होड़ लगे।
उन्होंने बताया कि अब स्कूलों में नियमित पढ़ाई के साथ-साथ साप्ताहिक रिवीजन की व्यवस्था शुरू की जाएगी। सप्ताह में एक दिन बच्चों से पिछले सप्ताह पढ़ाए गए विषयों पर छोटे टेस्ट लिए जाएंगे। जिन छात्रों को पढ़ाई में कठिनाई होगी, उनके लिए रिमेडियल क्लास चलाई जाएगी, ताकि सभी बच्चों का शैक्षणिक स्तर बेहतर हो सके।
उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उन्हें जिम्मेदार और योग्य नागरिक बनाना ही सरकार की प्राथमिकता है और मॉडल स्कूल उसी सोच के साथ विकसित किए जा रहे हैं।
मैदान में भी दिखा डीएम का उत्साह
स्कूल निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी खेल मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल को किक मारकर उनका उत्साहवर्धन किया। डीएम का यह सहज और प्रेरणादायक अंदाज छात्रों व शिक्षकों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।