150 किलो की ‘महाकाल कांवड़’ बनी आकर्षण का केंद्र, 60 श्रद्धालु कंधे पर उठाकर बढ़े बाबाधाम की ओर

देवघर। श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रही कांवड़ यात्रा में आस्था के अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं। पश्चिम बंगाल के कोलकाता से पहुंची करीब 50 से 60 श्रद्धालुओं की टोली इन दिनों कच्ची कांवड़िया पथ पर आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। टोली के साथ चल रही करीब 150 किलोग्राम वजनी ‘महाकाल कांवड़’ श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच रही है।
महाकाल भोलेनाथ के स्वरूप में सजाई गई इस भव्य कांवड़ को आकर्षक सजावट और धार्मिक प्रतीकों से तैयार किया गया है। टोली के श्रद्धालु बारी-बारी से कांवड़ को अपने कंधों पर उठाकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहे हैं। कच्ची कांवड़िया पथ पर जैसे ही यह टोली पहुंचती है, कांवड़ की भव्यता देखने के लिए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट जाती है।
करीब 60 श्रद्धालु मिलकर 150 किलो वजनी इस कांवड़ को संभाल रहे हैं। यात्रा के दौरान लगातार ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से पूरा कांवरिया पथ शिवमय नजर आ रहा है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यह महज एक कांवड़ नहीं, बल्कि भगवान महाकाल के प्रति उनकी अटूट आस्था और भक्ति का प्रतीक है। श्रावणी मेले में इस तरह की अनोखी कांवड़ यात्राएं जहां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, वहीं श्रद्धा, एकता और भक्ति की शक्ति का संदेश भी दे रही हैं।



