
(कहा कि असम, पश्चिम बंगाल और केरल के हालात आने वाले समय में कश्मीर जैसे हो सकते हैं )
केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जनसंख्या समाधान फाउन्डेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल चौधरी की फेसबुक वॉल के माध्यम से आयोजित आनलाईन बैठक में देशभर के 400 जिलों से जुड़े संगठन के हजारों कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी, गरीबी, भुखमरी और कुपोषण का मुख्य कारण बेतहाशा बढती जनसंख्या है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सुझाया कि जनसंख्या असंतुलन की इस समस्या के समाधान के लिए देश के सभी नागरिकों के लिए जाति, धर्म, क्षेत्र व भाषा से ऊपर उठकर समान रूप से जनसंख्या कानून लागू होना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की लगभग 18% जनसंख्या का भार वहन कर रहा है, जबकि आबादी के अनुपात में उसका भूभाग बहुत कम यानि लगभग 2.4 % और जल 4% है। यही कारण है कि सरकार के तमाम उपायों के बावजूद भी देश में बेरोजगारी की समस्या बढ रही है। आन-लाइन बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने जनसंख्या समाधान फाउन्डेशन के सभी कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि देश की इस भीषण समस्या के समाधान के लिए प्रत्येक रविवार आपस में मिलने जुलने और इस समस्याओं पर विचार-विमर्श के लिए साप्ताहिक मिलन बैठक करना और माह के अंतिम शुक्रवार को जिला और तहसील मुख्यालयों से संबंधित जिलाधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री जी को ज्ञापन भेजा जाना अति सराहनीय है।
उन्होंने जम्मू, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, आसाम, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक तथा सुदूर केरल के सभी कार्यकर्ताओं को आगामी 11 जुलाई विश्व जनसंख्या दिवस पर गली गली जागरण करके जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर आन्दोलन खडा करने की योजना पर बधाई दी।
जनसंख्या समाधान फाउन्डेशन के अभिभावक के रूप में मार्गदर्शन करने वाले गिरिराज सिंह ने आनलाईन बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा जनसंख्या विषय पर जन जागरण में देश के लगभग राज्यो के सैकड़ो जिलों में प्रस्तावित सभाओं में वह स्वंय भी उपस्थित रहेंगे। उन्होने झारखंड और बिहार के कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि 13 मार्च को इन्द्रेश कुमार जी की उपस्थिति में होने वाली झारखंड के जमशेदपुर और 15 मार्च को गिरिडीह की सभा की जानकारी देते हुए कहा कि 17 मार्च को पटना और 21 मार्च को पूर्णिया में भी बैठक की जाएंगी अतः सभी कार्यकर्ता इनमें भाग लें। ज्ञात रहे कि जनसंख्या आन्दोलन के अभिभावक के रूप में गिरिराज सिंह संगठन की रैलियों व सभाओं में तो मौजूद रहे ही हैं, कई वर्षो से संगठन के लोगों के साथ गांव गांव प्रवास भी करते रहे हैं। देश की आन्तरिक स्थिति पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जातिवाद की गहराती जड़ें देश के लिए खतरनाक हैं। भारत को अखंड भारत बनना है और हिन्दू संस्कृति को विश्व में मजबूत बनाना है तो जातिवाद से ऊपर उठना होगा। कण कण में श्रीराम को खोजने वाली संस्कृति को आपस में वैमनस्य समाप्त करना होगा। बैंगलोर में कांग्रेस पार्टी के एक दलित विधायक के घर पर एक समुदाय विशेष के लोगों द्वारा संगठित होकर किए हमले पर तथाकथित बुद्धिजीवियों और छद्म धर्मनिरपेक्षतावादियों की चुप्पी पर हैरानी जताते हुए कहा कि यह भविष्य के लिए खतरनाक संकेत हैं।
उन्होंने आशा जताई कि अब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनसंख्या नियंत्रण कानून शीघ्र से शीघ्र बनेगा और देश के सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा। उनके संबोधन को जनसंख्या समाधान फाउंडेशन नवगछिया जिलाध्यक्ष इंदु भूषण झा, जिला संरक्षक अजय कुशवाहा, जिला संयोजक मुकेश राणा, सहसंयोजक अनीश यादव, सलिल कसेरा, संगठन मंत्री राज कुमार रजक, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा, कौशल जयसवाल, विक्रम स्वर्णकार, अवधेश शर्मा, संदीप गुप्ता, महानंद कुमार, महासचिव रमेश राय, रंजीत झा, मिथिलेश चौधरी, सचिव सुशील शर्मा, कमल पोद्दार, निकेश गोस्वामी, समरेंद्र गोस्वामी, बौद्धिक प्रमुख दीपक कुमार,
कोषाध्यक्ष तनु प्रिया झा,
सह कोषाध्यक्ष गौरव झा,
लेखा परीक्षक मुकेश गुप्ता,
प्रचार प्रभारी सज्जन भारद्वाज,
सह प्रचार प्रभारी दीपक शर्मा,
व्यवस्था प्रबंधन प्रभारी नरेश प्रसाद साह, सोशल मीडिया प्रभारी मनोहर झा ने जिलाध्यक्ष इंदु भूषण झा के आग्रह पर अपने अपने आवास पर ही भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का बढ़ती जनसंख्या वृद्धि पर देश के नाम संबोधन को सुना।



