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साहित्य

प्राइवेट नौकरीविधा कविता
पैकेज सरकार से ज्यादा होगागाड़ी बंगला बोनस का वादा होगाज्वाइन करना तू सोच समझछुट्टी कम और काम ज्यादा होगामन ही…
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साहित्य

शिक्षा पर कुंडली
शिक्षा दीपक भू जले, करिये यही प्रयास।सारा जग ही खिल उठे,होगा तभी विकास।होगा तभी विकास,समस्या को मारेंगे।बाजे डंका ज्ञान,सभी संकट…
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साहित्य

गलत फहमी
ये तेरी बहुत बड़ी गलत फहमी है। मेरे दोस्त।।यही कि वो सिर्फ़ और सिर्फ़ तेरी है। मेरे दोस्त।। उसके पास…
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साहित्य

“धड़कन बन जाते हो…”
तुम्हें…!कुछ सोचूं तो…,सपना बन जाते हो । तुम्हें…!कुछ पूछूं तो…,सवाल बन जाते हो ।। तुम्हें…!कुछ लिखूं तो…,शब्द बन जाते हो…
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साहित्य

॥ जिन्दगी तुम उदास क्यूं है ॥ रचना ॥ उदय किशोर साह ॥ मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार
अय जिन्दगी तुम उदास क्यूं हैअसफलता से नाराज क्यूं हैकब तलक तुँ इससे धबरायेगाजीवन में अनेक मोड़ आयेगा मुसीबत का…
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साहित्य

राष्ट्र धर्म!!
मत पूछो घोड़ों से कभीउसके पैड़ों में ठुके नाल का दर्दबेजुबां की कड़कती जुबां की है अनोखे अंदाज की आवाज.सत्ता…
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कविता कानन

मां ही जन्नत
न मैं मंदिर पुजू न मस्जिद और न ही गुरूद्वारा,मां के चरणों में ही समाई है देखो ये संसार सारा।मां…
Read More » पैसे मिल गए
भाग 3 तीनो भाग कर जाते और देखते की ये तो राघव की मां है।राहुल राघव की मां के पास…
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साहित्य

स्वर्ग में एक डाकघर होता तो
स्वर्ग में एक डाकघर होता तोसंदेशा लिख कर भेजता रोजसब लेता मैं खबर वहाँ कीमम्मी पापा के बारे में सोच…
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खगड़िया

आंगनबाड़ी सेविका की मनमानी से नाराज़ ग्रामीण ने जताई विरोध
श्रवण आकाश, खगड़िया की कलम से सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र रहते हुए निजी जमीन पर केन्द्र संचालन कर वसुल रही किराया…
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