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साहित्य

फिर तुझको मैं अपने बहुत करीब पाता हूँ
फिर तुझको मैं अपने बहुत करीब पाता हूँतेरी खूबसूरत आँखों मेंंतेरी मां का वीता हुआ अक्स पाता हूँ।तेरे ही लिए…
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साहित्य

कलमकार बन जाऊँ
हमें मिले तुम्हारा प्यारना चाहिये हीरे की हारमेरी लेखनी में हो धारबन जाऊँ मैं कलमकार।तेरी रूप अनोखी है माँउर्वरा वसुन्धरा…
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साहित्य

आओ गुनगुनाएँ
छोड़ो धनन्जय मोह अब आगे बढ़ो ,इस सत्यता संग वीरता को तुम गढ़ो ।अब द्रोपदी के केश साड़ी की कसम…
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साहित्य

डा. राजेंद्र प्रसाद
जीरादेई सीवान बिहार मेंतीन दिसंबर अठारह सौ चौरासी में,जन्मा था एक लाल।दुनिया में चमका नाम उसका,थे वो बाबू राजेंद्र प्रसाद।।…
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साहित्य

स्वतंत्रता-काव्य
जन मानस ह्रदय परम निर्भीक हो,दृष्टि गुणदर्शी मस्तक गर्वोन्नत हो ,मन-वचन-कर्म में एकत्व दरश हो,वाणी निःशंक हो, हृदय-तल की,गहराई का…
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साहित्य

न काटो पंख मेरे
न काटो पंख मेरे,भरने दो उड़ान मुझे खुले आसमान में ,न करो पिंजरे में बंद मुझेरहने दो उन्मुक्त भाव से…
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साहित्य

दशा धरती की बदलने लगी
थम गया है बादलों का शोर हवा भी अब सुकून की साँसें लेने लगी , चेहरा आसमान का है खिला-खिला…
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साहित्य

गज़ल
बहर-2122-2122-2122-212रदीफ़ – जिंदगीकाफिया-( ई) बहकती, चलाती, बदलती, पिघलती, तड़पती, दमकती। रात की खामोशियों में है बहकती जिंदगी।यार तन्हा में बड़े…
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साहित्य

❤️💐शिशिर ऋतु 💐❤️
अलसाई सी हैं सभी दिशाएं,खग मृग सब लगते सोए हैं।ओढ़ कुहासे का यह घूंघट,लगता है वृक्ष अभी रोए हैं। क्षीण…
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कविता कानन

वो दिन /कविता
वो दिन याद करमेरी दादी की आँखों मेंआँसू बरस जाता हैलाल कर लेती हैअपनी खूबसूरत आँखेंमत पूछ भीम निधनमेरा दिल…
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