भागलपुर

विक्रमशिला सेतु पर सड़क हादसे में खरीक के दंपत्ति की मौत, एक घायल

विक्रमशिला सेतु पर सड़क हादसे में खरीक के दंपत्ति की मौत, एक घायल

  • सेतु पर अहले सुबह हुआ हादसा

अमरजीत सिंह / भागलपुर

भागलपूर नौगछीया परवत्ता थाना क्षेत्र के विक्रमशिला सेतु पर पाया नंबर 36 के पास एक अज्ञात ट्रक के धक्के से मोटरसाइकिल पर सवार खरीक बाजार निवासी दंपत्ति की मौत हो गयी है जबकि मोटसाइकिल चालक गंभीर रूप से घायल है. मृतकों में चंदो धामा (55) और उसकी पत्नी रीता देवी (45) है तो लड्डू धामा गंभीर रूप से घायल है. पप्पू चंदू का चचेरा भाई है. उसे इलाज के लिये नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में भर्ती किया गया है. घटना के तुरंत बाद परवत्ता के थनाध्यक्ष समेत अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए थे. घटना स्थल से पुलिस ने सबसे पहले घायल पप्पू धाम को इलाज में भेजा फिर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिये नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल भेजा. दोपहर तक दोनों शव परिजनों को सौंप दिया गया था. परिजनों से जानकारी मिली है कि एक ही मोटरसाइकिल से तीनों भागलपुर के तिलकामांझी के पास एक गिरजाघर में प्रार्थना करने के लिये जा रहे थे. मोटरसाइकिल पप्पू धामा चला रहा था जबकि चंदू धामा और रीता देवी मोटरसाइकिल पर सवार थे. बीच पुल के पास भागलपुर की तरफ जा रहे एक ट्रक ने मोटरसाइकिल में पीछे से जबरदस्त धक्का दे मारा. धक्का लगने के बाद चंदू और उसकी पत्नी रीता देवी पुल पर गिर गए और ट्रक के पहिये के नीचे आ गये जबकि पप्पू पुलिस के रैलिंग पर गिर जिससे उसे सिर्फ आंशिक चोटें आयी और उसकी जान बाल बाल बच गयी तो दूसरी तरफ दंपत्ति की मौत मौके पर ही हो गयी. परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार चंदू धामा का पूरा परिवार शहद उतारने के धंधे पर पुस्तैनी रूप से जुड़ा हुआ है. लॉक डाउन के बाद पहली बार वे लोग भागलपुर प्रार्थना सभा में जा रहे थे. इधर परवत्ता पुलिस मामले की प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान में जुट गयी है.

सात बच्चों के सर से उठ गया माता पिता का साया :-

चंदू धामा और उसकी पत्नी रीता धाम की आकस्मिक मौत हो जाने के बाद सात बच्चों के सर से माता पिता का साया उठ गया है. मालूम हो कि दंपत्ति अपने पीछे रधु धामा, कुंदन धाम, विक्की, विशाल कुल चार पुत्र और तीन पुत्रियां प्रीति, अर्चना और आसिया को पीछे छोड़ गए हैं. कुंदन ने बताया कि एकाएक उसकी दुनियां यूजर जाएगी, मां बाप का सहारा छीन जाएगा उसने ऐसा सोचा भी नहीं था. इधर चंदू धामा की मां चिमनी देवी का रो रो कर बुरा हाल है. पुत्र और बहू की लाश देख कर वह चीख चीख कर रही थी, क्या यही दिन दिखाने के लिये परमेश्वर ने उन्हें जीवित रखा था. इधर आजाद हिंद मोर्चा के अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने मृतक के परिजनों को समुचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग सरकार से की है.

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