कविता काननसाहित्य

“कनक-काव्याञ्जलि” का लोकार्पण

अखिल भारतीय साहित्यिक मंच प्रसंग जबलपुर के 27 वें स्थापना दिवस समारोह संग अन्तर्राष्ट्रीय काव्य महोत्सव के मंच पर भव्य समारोह में कविता-कानन पत्रिका के संरक्षक सह स्थाई समीक्षक वरिष्ठ लेखिका कल्याणी झा कनक द्वारा लिखित काव्य संग्रह “कनक-काव्याञ्जलि” का लोकार्पण रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो कपिलदेव मिश्र की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अतिथि महामहोपाध्याय ने कहा की पुस्तक में लेखिका के द्वारा समासमाईक नारी व्यथाओं का चित्रण काव्य में बेहद उम्दा तरीके से किया गया है । डाॅ हरिशंकर दूबे जी ने कहा की नारी-मन को जिस प्रकार से चित्रित किया गाया वह सराहनीय है ।वरिष्ठ साहित्यकार मोहन शशि जी ने कहा की नारी मन के भावनाओं का उद्भुत समावेश किया गया है पुस्तक में । मौके पर विधायक उत्तर क्षेत्र जबलपुर विनय सक्सेना जी, प्रसंग के अध्यक्ष मकबूल अली जी, साहित्य प्रकोष्ठ के अध्यक्ष बसंत कुमार शर्मा जी, राष्ट्रीय कवि ओमपाल निडर जी, प्रसंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी विनोद नयन जी मंच पर उपस्थित थे। वही वरिष्ठ लेखिका कल्याणी झा कनक ने अपने धन्यवाद ज्ञापन संबोधन में कहा की 15 से 20 ख्यातिलब्ध साहित्यकारों के कर कमलों में मेरी पुस्तक का होना मेरे लिए गौरव के क्षण है । कविता-कानन साहित्य कला न्यास के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष सह कविता-कानन पत्रिका के प्रधान सम्पादक कुमार धनंजय सुमन ने बधाई देते हुए कहा की नारी शब्द ही बेहद जटिल है पर लेखक ने बेहद सरलता से चित्रण कर काव्य के माध्यम से संदेश देने का सफलता पूर्वक कार्य किया है जिसके लिए बधाई के पात्र हैं । कविता-कानन साहित्य कला न्यास के राष्ट्रीय महामंत्री ममता मनीष सिंहा ने कहा की नारी मन की की अन्तर वेदना , व्यथा एवं प्रेम की बहती हुई सरिता लेखिका के मानस पटल से उभरी हुई संपूर्ण संवेदनाएँ हैं । पुस्तक के लेखन पर सुधीर श्रीवास्तव , चंदना शर्मा , सरिता अंजनी ‘सरस’ ,प्रकाश राय, अरुण नागर, पूनम सिंह , सुनीता चौधरी , मीरा मिश्रा, आरती कुमारी , सरिता कुमारी समेत कई वरिष्ठ साहित्यकारों के द्वारा शुभकामनाएँ दी गई ।

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