साहित्यकविता कानन
भावपूर्ण श्रद्धांजलि

साथ निभाने बाली आज,
सम्पूर्ण साथ निभा गई,
सात फेरों के सात वचन,
होके परिपूर्ण निभा गई,
जन्म जन्म का मिलन मरण तक, साथ है इसका,
आज हिन्द क्या सारी सृष्टि को,
ये नारी दृश्य दर्शा गई,
।। भावपूर्ण श्रद्धांजलि।।
।। ऊं शांति शांति।।


