पटना: बिहार के बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम देखने को मिला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतक भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली और उन्हें निष्पक्ष जांच तथा न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने भरत तिवारी की मां आशा देवी, बहन रूबी तिवारी और भाभी सुमन देवी से विस्तार से बातचीत की। इस दौरान परिजनों ने घटना से जुड़े अपने आरोप, शिकायतें और न्याय की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने उनकी बात गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री की इस मुलाकात के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई। जानकारी के अनुसार, जगदीशपुर के अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) संजीत कुमार को पटना लाइन क्लोज कर दिया गया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में इस कार्रवाई का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। ऐसे में इस निर्णय को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं जारी हैं।
वहीं, सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आ रही है कि मामले में नामजद आरोपितों के खिलाफ अगले 48 घंटे के भीतर आगे की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक प्रशासन या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
गौरतलब है कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच पहले से जारी है और परिजन लगातार निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की यह मुलाकात मामले में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें जांच की प्रगति और प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हैं।





