साहित्यकविता कानन
बेटियाँ

सुन्दर और प्यारी,
सबकी राजदुलारी,
होती है बेटियाँ।
फूलों-सी कोमल,
लताओं-सी नाज़ुक,
होती है बेटियाँ।
हर काम में निपुण,
हर क्षेत्र में आगे,
होती है बेटियाँ।
माँ-बाप की जान,
हर घर की शान,
होती है बेटियाँ।।
- लोकनाथ ताण्डेय”मधुर”

सुन्दर और प्यारी,
सबकी राजदुलारी,
होती है बेटियाँ।
फूलों-सी कोमल,
लताओं-सी नाज़ुक,
होती है बेटियाँ।
हर काम में निपुण,
हर क्षेत्र में आगे,
होती है बेटियाँ।
माँ-बाप की जान,
हर घर की शान,
होती है बेटियाँ।।
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