खगड़िया

गाँव घर जलमग्न से हज्जारों लोग पड़ेशान, लेकिन विकास पुरुष चैन की नींद में मग्न

गाँव घर जलमग्न से हज्जारों लोग पड़ेशान, लेकिन विकास पुरुष चैन की नींद में मग्न

बिहार के कई जिलों के साथ ही साथ खगड़िया जिला के विभिन्न क्षेत्रों जैसे बैलदोर, खगड़िया,गोगरी जमालपुर, परबत्ता आदि कई प्रखंडों में बाढ़ की समस्याएं रूकते नहीं रुक रही है ।

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दिन ब दिन नदियों की जलस्तर में वृद्धि के कारण गाँव घरों में नदियों का जल प्रवेश कर गया है। स्थानीय नेतागण और बिहार सरकार के द्वारा गरीब मजबूर लोगों को बीते दो से तीन सप्ताह होने के बावजूद भी अब तक कोई सहायता नहीं मिल पाने के कारण काफी असंतुष्टि और समस्याओं को झेलते नजर आ रहें हैं।

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बाढ़ग्रस्त ग्रामीणों के अनुसार नौका ब्यवस्था, राशन ब्यवस्था और मेडिकल सुविधा तक भी नहीं मिल पा रही है। जिसके कारण बाढ़ पीड़ितों के चेहरे पर स्थानीय नेतागण और सरकार के प्रति असंतुष्टि या निराशापन दिखा रहीं। वहीं खासकर खगड़िया जिला के परबत्ता प्रखण्ड अंतर्गत तेमथा करारी में बीते तीन सप्ताह पुर्व से ही दर्जनों घर जलमग्न होने चुकी है और दिन ब दिन नदियों के जलस्तर बढ़ती हीं जा रहीं हैं। इसी कारणवश बाढ़ पीड़ितों की भी समस्याएं बढ़ती जा रही है, लेकिन विकास का अनगिनत गिनती बताने वाले सभी विकास पुरुष चैन की नींद में सोये हुए हैं। जहाँ मजबूर बाढ़ पीड़ितों सहायता की मांग कर रहे हैं।

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वहीं तेमथा करारी गाँव सह बाढ़ पीड़ित श्रवण कुमार ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से बाढ़ के पानी की समस्याओं को झेलते आ रहें हैं, लेकिन अभी तक किसी के द्वारा कोई सहयोग नहीं मिल पा रही है। साथ ही साथ ही ये भी बताया कि बाढ़ आने से शुद्ध पेयजल, राशन और शौचालय आदि कई समस्या से बहुत पड़ेशानी हो रही है।

तत्परता तेमथा गाँव निवासी ऋषि कुमार ने भी बताया कि चुनाव के वक्त काफी जी जान लगाकर हमलोगों ने मेहनत किया था, लेकिन सभी प्रतिनिधि सभा मेहनत पर पानी फिर दिया। अर्थात विजयी होने के बाद काॅल तक रिसिव नहीं करते हैं। फिर भी अभी भी आशा और विश्वास है कि हमारे प्रतिनिधि जरूर सहयोग करेंगे।

अंततः बाढ़ पीड़ित पांडव कुमार ने बताया कि अभी हमलोगों को कम से कम पांच पीस जेनरेटर से संचालित बड़ी नौका, राशन, पेयजल और मेडिकल सुविधा की अत्यधिक व अतिशीघ्र ब्यवस्था की आवश्यकता है, जिसे हमलोग लगातार माँग कर रहे हैं, लेकिन कोई नेता या पदाधिकारी सुनता ही नहीं।

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