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RLJP को बड़ा झटका: चंदन सिंह ने थामा JDU का दामन, कहा — “नीतीश कुमार ने बदला बिहार का भाग्य”

बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है! राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के सुप्रीमो पशुपति कुमार पारस को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश प्रवक्ता चंदन सिंह ने RLJP का साथ छोड़ते हुए जनता दल यूनाइटेड (JDU) की शरण ले ली है। अब वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के विकास की कहानी लिखने का संकल्प ले चुके हैं।

कल औपचारिक ऐलान, JDU में गरमाएगी सियासत

मंगलवार, 25 फरवरी 2025 को चंदन सिंह JDU के प्रदेश कार्यालय में आधिकारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस मौके पर JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और मुख्य प्रवक्ता सह एमएलसी नीरज कुमार भी मौजूद रहेंगे। खबर है कि पार्टी ने चंदन सिंह को प्रदेश प्रवक्ता का अहम पद देने का आश्वासन दिया है।

नीतीश कुमार के ‘सुशासन’ से प्रभावित चंदन सिंह

ABP न्यूज़ से खास बातचीत में चंदन सिंह ने खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार ने पिछले 20 सालों में बिहार को नई दिशा दी है। उनकी सोच और मेहनत ने बिहार को विकास के रास्ते पर ला खड़ा किया है। आज प्रदेश की जनता उनके कामों से प्रभावित है, और मैं भी उन्हीं के विजन से प्रेरित होकर JDU में शामिल हो रहा हूं।”

चंदन सिंह ने आगे कहा कि JDU के अन्य नेता भी बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और वे भी इस टीम का हिस्सा बनकर प्रदेश की प्रगति के लिए काम करना चाहते हैं।

पशुपति पारस पर करारा प्रहार — ‘भटक गए हैं रास्ते से!’

लेकिन चंदन सिंह के RLJP छोड़ने के पीछे एक बड़ी वजह पार्टी सुप्रीमो पशुपति पारस की कार्यशैली भी रही। उन्होंने सीधे तौर पर पारस पर निशाना साधते हुए कहा, “मैंने चिराग पासवान के साथ राजनीति की थी, लेकिन बाद में पशुपति पारस जी के विकास के एजेंडे से प्रभावित होकर उनकी पार्टी में गया। मगर हाल के दिनों में उनका रुख पूरी तरह बदल गया है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए का गुणगान करते थे, लेकिन अब धीरे-धीरे आरजेडी और लालू प्रसाद यादव के करीब होते जा रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि RLJP अब अपने मूल विचारधारा से भटक गई है, जिससे कार्यकर्ताओं और नेताओं में असमंजस बढ़ने लगा है।

JDU में मिल सकता है बड़ा पद

JDU में शामिल होते ही चंदन सिंह को प्रदेश प्रवक्ता का अहम दायित्व सौंपा जा सकता है। इस पर उन्होंने कहा, “मुझे पार्टी ने आश्वासन दिया है कि प्रदेश प्रवक्ता का पद मिलेगा, लेकिन मैं पार्टी की जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, उसे पूरी निष्ठा और लगन के साथ निभाऊंगा।”

बिहार की सियासत में नया समीकरण?

चंदन सिंह का JDU में शामिल होना RLJP के लिए एक बड़ा झटका है। यह तब हो रहा है जब RLJP पहले ही अंदरूनी कलह और नेतृत्व संकट से जूझ रही है। वहीं, JDU इस कदम को अपनी पार्टी के लिए एक मजबूत बढ़त के रूप में देख रही है।

अब देखना यह है कि चंदन सिंह की इस राजनीतिक चाल के बाद RLJP की अगली रणनीति क्या होगी और पशुपति पारस इस झटके पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। वहीं, JDU चंदन सिंह जैसे नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर, बिहार की राजनीति में और मजबूती लाने की कोशिश कर रही है।

तो बिहार की राजनीति में उठे इस सियासी तूफान पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं — आखिर चंदन सिंह के कदम से किस ओर बहेंगी राजनीति की बयार?

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